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मिनट के ट्रेड नहीं लगाता हूँ

Sun, 11 Dec 2022 13:38:26 +0000

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– 697 से अधिक रक्तदाताओं ने किया उत्साह से रक्तदान

जोधपुर। द रॉयल ग्रुप जोधपुर की तरफ से हर साल कि तरह इस साल भी विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन नगर निगम स्टोर गैरेज के पास, सिवांची गेट धर्मपुरा रोड में आयोजित हुआ। शिविर में करीब 697 से अधिक रक्तदाताओं ने उत्साह से रक्तदान किया।

द रॉयल ग्रुप अध्यक्ष वसीम अकरम ने जानकारी देते हुए बताया कि हर साल की तरह इस साल भी विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन रविवार को सुबह 10 से शाम 5 बजे तक नगर निगम स्टोर गैरेज के पास, सिवांची गेट धर्मपुरा रोड आयोजित हुआ। जिसमें करीब 697 से अधिक रक्तदाताओं ने उत्साह से रक्तदान किया। शिविर में जोधपुर के आसपास क्षेत्रों पाली, जालोर, सिरोही, नागौर बाड़मेर से रक्तदान करने के लिए रक्तदाताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी रक्तदाताओं का मोमेन्टो देकर सम्मानित किया गया और उनकी हौसल अफजाई की गई।

द रॉयल ग्रुप जोधपुर पूरी टीम रक्तदान शिविर को सफल बनाने में जोर शोर जुटी हुई थी। रक्तदान शिविर में आने वाले सभी मेहमानों का मोमेन्टो व साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान द रॉयल ग्रुप टीम के अध्यक्ष वसीम अकरम ने कहा कि हमारा उद्देश्य है रक्त का संग्रहकर अस्पतालों मिनट के ट्रेड नहीं लगाता हूँ में रक्त कमी को पूरी करना तथा अस्पतालों में भर्ती गरीब व जरूरमंद लोगों रक्त उपलब्ध करवाना है। पिछले कई वर्षों से द रॉयल ग्रुप द्वारा विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। वहीं मरीजों के रक्त जरूरत पडऩे द रॉयल ग्रुप के सदस्य रक्तदान करने के लिए हमेशा तैयार रहता है।

Wed, 07 Dec 2022 07:25:13 +0000

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जोधपुर। टीपू सुल्तान सेवा संस्थान जोधपुर द्वारा हमेशा से ही जरूरतमंद, असहाय, गरीब लोगों की मदद करने में कभी पीछे नहीं रहा है। वहीं संस्थान द्वारा सर्दी के इस मौसम कबीर नगर बस्ती के जरूरतमंद परिवारोंं को कम्बल व खाने के पैकेट वितरित किए।
टीपू सुल्तान सेवा संस्थान जोधपुर जिलाध्यक्ष उत्तर सरफुद्दीन ने जानकारी देते हुए बताया की संस्थान द्वारा मंगलवार रात्रि को कबीर नगर कच्ची बस्ती में रह रहे जरूरतमंदो परिवारों को कम्बल व खाने के पैकेट वितरित किए। वहीं इस दौरान संस्थान के जोधपुर जिला अध्यक्ष उत्तर सरफुद्दीन, प्रदेशाध्यक्ष सरफराज खान, जोधपुर संभाग अध्यक्ष रिजवान अंसारी, प्रदेश सचिव नौशाद अंसारी, प्रदेश सचिव महिला चांद बीबी, जोधपुर महिला जिलाध्यक्ष मैहरूनिशा, मंजू मेवाड़ा, समाजसेवी गुलाम मोहम्मद, समाजसेवी रियाज खान मुल्लाजी महाराजा बैंड, सलमान, मोहम्मद अल्ताफ प्रदेश सह सचिव, मोहम्मद एजाज, साजिद शेख मसूदी सहित सभी सदस्य मौजूद थे।

Mon, 05 Dec 2022 15:48:54 +0000

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Mon, 05 Dec 2022 15:45:43 +0000

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Mon, 05 Dec 2022 15:21:22 +0000

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Mon, 05 Dec 2022 15:14:16 +0000

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जोधपुर। गाँधी नगर गुजरात निवासी वन्यजीवन रेस्कुयर पुष्पेन्द्र कोरी व दीपक प्रजापति 15 अगस्त 2022 को गांधी नगर से सम्पूर्ण भारत भ्रमण निकले साथ ही लोगों को साँपों के सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।

वाइल्ड एण्ड स्ट्रीट मिनट के ट्रेड नहीं लगाता हूँ एनिमल रेस्क्यू टीम के नागप्रेमी ईस्माईल रंगरेज ने जानकारी देते हुए बताया कि गाँधी नगर गुजरात निवासी वन्यजीव रेस्कुयर पुष्पेन्द्र कोरी व दीपक प्रजापति 15 अगस्त 2022 को भारत भ्रमण के लिए इस दौरान उन्होंने लोगों को साँपों के सुरक्षा के लिए जागरूकता का सन्देश दिया। रंगरेज ने बताया कि वन्यजीव रेस्कुयर पुष्पेन्द्र कोरी व दीपक प्रजापति दोनों यात्रियों ने भारत के विभिन्न स्थानों पंजाब, हरियाणा, केरल, तमिलनाडू, मध्यप्रदेश, आसाम, कलकत्ता, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, नेपाल, उत्तर प्रदेश, तेलंनगाना, लद्दाख, वैशाखापट्टनम, कर्नाटक, हिमाचन प्रदेश, बिहार, उड़ीसा, दिल्ली, नागालैण्ड, मणीपरु, त्रिपुरा सहित कई प्रदेशों का दौराकर 108 दिन की यात्रा पूरी कर जोधपुर में पहुँचने पर नसरानी पेट्राल पम्प के सामने भवानी दाल बाटी के पास वाइल्ड एण्ड स्ट्रीट एनिमल रेस्क्यू टीम के नागप्रेमी ईस्माईल रंगरेज, नागप्रेमी सराफत अली, मिशन कौमी एकता के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशिक खान मुन्ना व शाकीर खान पप्सा व मुस्ताफा बाबा, समाजसेवी गुलाम मोहम्मद ने माला व साफा पहनाकर व ग्रीफ्ट भेंटकर भव्य स्वागत किया गया। वहीं रेस्कुयर पुष्पेन्द्र कोरी व दीपक प्रजापति ने बताया कि जोधपुर आने हमारा सम्मान मारवाड़ रीति रिवाज से मिनट के ट्रेड नहीं लगाता हूँ किया। हमें बहुत प्रसन्नता है। उन्होंने बताया की अब यहां रामदेवरा के लिए प्रस्थान करेंगे व रात्रि विश्राम वहीं करेंगे। अभी हमारा मिशन 128 दिन में गाँधी में समाप्त होगा।

Mon, 05 Dec 2022 15:06:12 +0000

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जोधपुर। अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. गिरिश कुमार संघी पूर्व सासंद एवं प्रदेशाध्यक्ष बनवारीलाल सिंघल पूर्व विधायक अलवर निर्देशानुसार जोधपुर संभाग प्रभारी जी.डी. मित्तल ने अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन राजस्थान प्रदेश के जोधपुर जिला कार्यकारिणी में सत्यनारायण अग्रवाल को उत्तर जिलाध्यक्ष व श्यामसुन्दर गुप्ता को दक्षिण जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है एवं निर्देश दिए है की जल्द ही अपनी अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन जोधपुर की जिला कार्यकारिणी घोषणा कर नियुक्तियां प्रदान करें।
संभाग प्रभारी जी.डी. मित्तल ने जानकारी देते हुए बताया कि वैश्य समाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करना हमारा मुख्य उद्देश्य है एवं अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन में अग्रवाल व माहेश्वरी, ओसवाल, खण्डेलवाल, वैश्य घटक विजयवर्गीय समाज को सम्मिलित किया गया तथा संगठन सभी समाज को मजबूत करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभाएंगे। साथ ही प्रदेश में वैश्य सशक्तिकरण कार्य को आगे बढ़ाएंगे और समाज एक नई दिशा प्रदान करेंगे।

Sun, 04 Dec 2022 09:25:23 +0000

जोधपुर। गोविन्दलाल जी मन्दिर हाथीराम ओड़ा में गीता जयंती के अवसर गीता महायज्ञ का आयोजन हुआ। जिसमें यजमानों से यज्ञ में आहुतियां दी।
स्वामी श्री श्रवण कुमार शास्त्री जी के सान्निध्य में गीता जयंती के अवसर पिछले कई वर्षों से स्व. श्री बंटलाल जी मूदड़ा की प्रेरणा से गीता महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर गीता महायज्ञ में स्व. बंकटलाल जी मूदड़ा के परिवारजनों बेनीगोपाल, गोपाल मुन्दड़ा गीता महायज्ञ का करवा रहे है। इस दौरान प्रसादी का वितरण किया गया। कई श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति दी। वहीं स्वामी श्री श्रवण कुमार शास्त्री जी ने गौरक्षा व पर्यावण शुद्धिकरण का सन्देश दिया। इस दौरान मुन्नालाल मुन्दड़ा, ओमप्रकाश मुन्दड़ा, हरीकिशन मुन्दड़ा, श्री गोपाल मुन्दड़ा, कुसुमलता मुन्दड़ा, पुष्पा देवी मुन्दड़ा, महेश तापडिय़ा, श्याम राठी, रमणलाल बंग सहित कई यजमान मौजूद थे। इस दौरान कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

सरदार पटेल

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स्वतंत्रता के ठीक बाद भारत की एकता के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा देश की जनता को एकता के पक्ष में दिये गये भाषण


मैं हिन्दोस्तान में रहनेवाले सब लोगों को, खास तौर से कहना चाहता हूं कि आप यह न समझिए कि यह गवर्नमेंट तो कैपिटलिस्ट की है, हालांकि बार-बार आप लोगों को ऐसी बातें कही जाती हैं। लेबर में काम करने वाले हमारे कई दोस्त, जो हमारे साथ मिलते नहीं हैं, अपने अलग ख्यालात रखते हैं। आज हमारा जो लीडर (हमारे प्रधान मन्त्री) है, वही ट्रेड यूनियन कांग्रेस के पहले प्रेसीडेन्ट थे, उन्होंने उसकी बुनियाद डाली थी। उनसे बढ़कर मजदूर का हित चाहनेवाला मिनट के ट्रेड नहीं लगाता हूँ कोई और मैंने नहीं देखा है। अब जब यह बात लोगों के ख्याल में आती है, तब कहा जाता है कि उनका (प्रधान मंत्री का) तो कुछ चलता नहीं, वहां तो गवर्नमेंट में दो पार्टियां हैं। छोटे दिल के और पागल लोग ऐसी-ऐसी बातें करते हैं। ये समझते हैं कि हम ऐसे बेवकूफ हैं कि मुल्क की आजादी के लिए जिन्दगी भर साथ रहने के बाद अब हम आपस में इस प्रकार की लड़ाई कर लेंगे और अपनी दो पार्टियां बनाएँगे। यदि मैं अपने लीडर का साथ न दे सकूं और उनका पैर मैं मजबूत न कर सकूं तो मैं एक मिनट भी गवर्नमेंट में न रहूँगा। यह मेरा काम नहीं है। इस तरह की बेवफाई करना मेरे चरित्र में नहीं है। क्योंकि अपने जिन लीडर (महात्मा गान्धी) के पास से मुल्क मिनट के ट्रेड नहीं लगाता हूँ की सेवा का धर्म मैंने सीख लिया है, उसमें इस प्रकार की बेवफाई आ जाए, तो मुझे अपघात (आत्महत्या) कर लेना चाहिए। लेकिन बार-बार छोटे दिल के आदमी ऐसी बातें करते हैं और भोले-भाले आदमी उनकी बात मान भी लेते हैं। हां कभी-कभी तो किसी बात के बारे में हम दोनों अपनी अलग राय भी रखते हैं। हर एक बात के बारे में हम एक दूसरे के साथ मशविरा करते हैं, नहीं तो ज्वाइंट रिस्पौंसिबिलिटी (इकट्ठा उत्तरदायित्व) कैसी होती है? डेमोक्रेसी में मशविरा ही तो किया जाता है। हम सब आपस में अलग-अलग राय रखते हैं और हर सवाल पर एक दूसरे के साथ मशविरा करते हैं। नहीं तो ज्वाइंट रिस्पौंसिबिलिटी कैसे चले? ऐसा न हो तो यहां जो पुराना राज चलता था, जिसे आटोक्रेसी (निरंकुशता) राज कहते हैं, वैसा ही चले। तो ये सब गलत ख्याल है।

तो मैं मजदूरों से बड़ी अदब से अपील करता हूँ और यह कहना चाहता हूँ कि बहुत दफ़े मेरे पर जो यह अटैक (आत्रमण) होता है कि यह तो बिड़ला जी का साथी है, अमुक का साथी है, यह सब गलत है। मैंने जब से गान्धी जी का साथ किया, तब से यह एक प्रतिज्ञा ले ली कि अपनी मिल्कियत मैं कोई नहीं रखूंगा। यह उनके पास से मैंने सीख लिया और उससे बढ़ कर सोशलिज्म कोई और मैं नहीं मानता। गान्धी जी के पास रहकर मैंने यह भी सीख लिया कि न राजाओं से दुश्मनी करना न कैपिटलिस्ट से दुश्मनी करना, न लैंडलार्ड से दुश्मनी करना और न किसी और से दुश्मनी करना। देश के हित के लिए सब से काम लेना, और सब में एक दूसरे के लिए मुहब्बत पैदा कर अपने-अपने काम करवा लेना, यह मैंने बापू के पास से सीख लिया। यह जो स्टेटों का मामला बना है, यह भी उन्हीं के पास मैंने कुछ इल्म पाया था। मैं आपको बताना चाहता हूँ कि जब यह सौराष्ट्र का या काठियावाड़ का एक गुट बना, तो उस रोज गान्धी जी को उसकी जितनी खुशी हुई, उतना खुश मैंने कभी उन्हें नहीं देखा था। क्योंकि वह बहुत दिनों से जो बात चाहते थे, वह हो गई।

आज आप यह मानपत्र मुझे देते हैं, यह क्या मेरी कृति है? एक आदमी से क्या होता है? यह तो मैंने बार-बार कहा है कि यह ईश्वर की कृति है। लेकिन उसके साथ मेरे कई वफादार साथी भी थे। हमारी कैबिनेट तो है ही, उसके साथ बिना तो कोई चीज़ बन ही न सकती थी। लेकिन मैंने बहुत दफा सुना है कि यह जो पुरानी सिविल सर्विस है, वह तो उसी परदेशी सरकार ने बनाई थी। लेकिन मैं आपसे यह कहना चाहता हूँ कि इस सर्विस में ऐसे-ऐसे रत्न पड़े हैं, जिनकी कीमत बाहर के लोग नहीं जानते। हम भी उनकी कीमत न जानें तो हम राज चलाने के लायक नहीं हैं। ये लोग मेरे साथ न होते, तो यह काम न बनता। अब तो उस सर्विस में चन्द लोग ही हैं, क्योंकि सर्विस तो टूट गई है। पहले पचास-पचपन फीसदी अँग्रेज थे, ठीक-ठीक ५५ फी सदी थे। वे सब तो चले गए। अब जो थोड़े-बहुत लोग, पहले का एक चौथाई हिस्सा, सर्विस में बाकी रही है, उसमें भी चन्द लोग ऐसे हैं जिनके दिल में यह है कि अब चलो आखिर में जितना फायदा उठा सको, उतना उठा लो। लेकिन उसमें कोई-कोई ऐसे वफादार लोग हैं, जिन लोगों ने बहुत वफादारी से देश की सेवा की है, उससे हमारे काम में बहुत मदद मिली है। मैं उन लोगों की कदर न करूँ, तो मैं भी नालायक हूँ।

आप यह भी समझ लें कि राजाओं ने भी अपना साथ हमें दिया। जैसे हम में सब भले नहीं हैं, बुरे भी हैं, वैसे उनमें भी भले और बुरे दोनों हैं। लेकिन जब देश आजाद हुआ, तो उनको भी ख्याल हुआ कि ये लोग मुल्क का कुछ भला करना चाहते हैं और इस में हमें साथ देना चाहिए। अब जिसके पास राज है उसको छोड़ देना, जिसके पास सत्ता है, उसे छोड़ देना, यह कितनी कठिन बात है। जो छोड़े, उसी को मालूम पड़ेगा। जिसके पास नहीं है उसका यह कहना कि यह आसान बात है बेमतलब है। कुछ लोग कहते हैं कि हमने राजाओं को इतना पर्स दिया, इतना रुपया दिया, इतना पेंशन दिया। लेकिन जो जानता है उसको मालूम है कि यह एक प्रकार का बहुत बड़ा विप्लव है, एक बड़ा रेवोल्यूशन (क्रान्ति) है। हमें उनकी कोई खुशामद नहीं करनी पड़ी और उन्होंने देश के हित के लिए स्वयं इतना बड़ा स्वार्थत्याग किया। यह भगवान की बड़ी कृपा है और हिन्दुस्तान के सद्भाग्य और भविष्य के लिए अच्छा है।

मैंने लेबर से कहा है कि भाई, हमारे पास अगर कुछ ज्यादा हो गया, तो वह आपको ही मिलेगा। लेबर में काम करनेवाले लोग कहते हैं कि ये कैपिटलिस्ट लोग हमको बहुत तंग करते हैं। मैं भी मानता हूँ कि वे तंग करते हैं। लेकिन उसका उपाय क्या है? जब तक हम देश में अधिक धन, और अधिक इल्म नहीं पैदा करेंगे, तब तक जो कुछ हमारे पास है, उसमें से अधिक खर्च कर देने से वह खत्म हो जाएगा। जिन लोगों के पास छिपा हुआ धन पड़ा है, और वे उसे निकाल नहीं रहे हैं, क्योंकि वे डरते हैं कि वे पकड़े जाएँगे, उनके बारे में हमें कोई रास्ता करना चाहिए। वैसा न करेंगे, तो आगे हमारा कोई काम नहीं चलेगा। मैं उनसे भी अपील करता हूं कि आपके पास यह जो अनीति का धन है, वह आपको नुकसान करेगा। और आज मौका है क्योंकि आपकी सरकार को अच्छे काम में रुपया लगाने के लिए उस धन की ज़रूरत है। आपको चाहिए कि जितना गवर्नमेंट का भाग है, वह सब दे दें, नहीं तो आप फंस जाओगे। उससे आपको कोई फायदा नहीं होगा।

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