मैं देख रहा हूं कि गैर पंजीकृत वित्तीय सलाहकारों की तादाद बहुत तेजी से बढ़ रही है। यह अवैध कारोबार कितना बड़ा है? इसे क्रिप्टो करेंसी से पैसा कैसे कमाए? समझने के लिए सेबी के अवैध सलाहकारों संबंधी आदेशों को देखिए। कुछ दिन पहले जारी किया गया ऐसा ही एक आदेश कहता है कि ऐसी एक गुमनाम सी सेवा से 6 करोड़ रुपए का शुल्क वसूला गया। उसका प्रवर्तक फरार है। मेरा अनुमान है कि 200-300 लोग साल में कुछ करोड़ रुपये तो कमा ही रहे हैं।

सेबी के पंजीकृत सलाहकारों संबंधी नियमन एकदम निष्प्रभावी

सेबी के पंजीकृत सलाहकारों संबंधी नियमन एकदम निष्प्रभावी

बिजनेस स्टैण्डर्ड ———— बाजार में तेजी का हर दौर पिछले दौर से अलग होता है। यह बात केवल शेयरों के प्रकार और विभिन्न क्षेत्रों पर ही लागू नहीं होती ब​ल्कि इससे होने वाले सामाजिक बदलावों पर भी यह बात लागू होती है। 2020 के मध्य में आरंभ हुए तेजी के दौर के कारण दो बदलाव आए: पहला, नए खाते खुलने में जबरदस्त तेजी आई और दूसरा, ऐसे सोशल मीडिया हैंडलों और चैनलों का जमकर विस्तार हुआ जो शेयरों की खरीद बिक्री को लेकर सलाह देते हैं।

कुल मिलाकर देखा जाए तो वे इतने अ​धिक बड़े और प्रभावशाली हो गए कि वे भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय क्रिप्टो करेंसी से पैसा कैसे कमाए? बोर्ड (सेबी) के उन तीन नियमों का मजाक सा उड़ा रहे हैं जो निवेश सलाह, निवेश शोध और पोर्टफोलियो प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में गतिविधियों का संचालन करते हैं। अब सेबी इन फाइनैं​शियल इन्फ्लुएंसर्स के लिए अलग नियम बनाने की योजना बना रहा है। ये इन्फ्लुएंसर सोशल मीडिया पर क्रिप्टो करेंसी से पैसा कैसे कमाए? सामान्य निवेशकों को शेयरों, सामान्य निवेश, म्युचुअल फंड क्रिप्टो करेंसी से पैसा कैसे कमाए? आदि को लेकर बिन मांगी सलाह देते हैं। क्या सेबी की योजना कारगर साबित होगी?

ई-रुपया (E-Rupee) ऑनलाइन भुगतान से कितना अलग है; यूपीआई, एनईएफटी, आरटीजीएस के मुकाबले ये हैं अंतर

E-Ruppi

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने हाल ही में अपनी डिजिटल करेंसी का पायलट लॉन्च किया है। यह भारत क्रिप्टो करेंसी से पैसा कैसे कमाए? की अपनी डिजिटल करेंसी है। सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) एक कानूनी निविदा है, जिसे केंद्रीय बैंक द्वारा डिजिटल रूप में जारी किया जाता है। डिजिटल रूप एक साधारण नोट या सिक्के की तरह है, जिसका हम दैनिक आधार पर उपयोग करते हैं। यह केवल डिजिटल रूप में है। अब सवाल उठता है कि आरबीआई का रिटेल डिजिटल फॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI), नेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स फंड्स ट्रांसफर (NEFT) और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (आरटीजीएस) से कैसे अलग है। आइए इसे समझते हैं। Read Also:-Pathan Movie Controversy : पठान मूवी पर अब आर पार! इस संगठन ने भी दी धमकी-पीवीआर में पिक्चर लगी तो अंजाम भुगतने को रहें तैयार.

अवतार 2: तमिलनाडु के 70 सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई फिल्म, जानिए वजह

अवतार 2: तमिलनाडु के 70 सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हुई फिल्म, जानिए वजह

निर्देशक-निर्माता जेम्स कैमरून की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म 'अवतार' का सीक्वल 'अवतार: द वे ऑफ वॉटर' सिनेमाघरों में रिलीज हो गया है। एक तरफ जहां 'अवतार: द वे ऑफ वॉटर' देश में सबसे ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज होने वाली हॉलीवुड फिल्म बन गई है। वहीं दूसरी तरफ रिपोर्ट आ रही है कि भारत के 70 सिनेमाघरों में इस हॉलीवुड फिल्म को रिलीज हाने नहीं दिया है। आइए जानते हैं इसकी वजह।

इस वजह से नहीं रिलीज हुई फिल्म

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु के तकरीबन 70 सिनेमाघरों में हॉलीवुड फिल्म 'अवतार: द वे ऑफ वॉटर' रिलीज नहीं हुई है, जिसकी वजह से फिल्म के रेवेन्यू पर असर पड़ा है। दरअसल, डिज्नी (डिस्ट्रीब्यूटर) ने सिनेमाघरों से तकरीबन 70 फीसदी रेवेन्यू की मांग की थी। हालांकि, सिनेमाघर के मालिकों ने रेवेन्यू देने से इनकार कर दिया। नतीजा यह हुआ कि सिनेमाघरों ने राज्य में फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी।

जब कोई फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होती है, तब टिकट से मिलने वाले पैसे सिनेमाघर के क्रिप्टो करेंसी से पैसा कैसे कमाए? मालिक के पास जमा होते हैं। सिनेमाघर के क्रिप्टो करेंसी से पैसा कैसे कमाए? मालिक सबसे पहले एंटरटेनमेंट टैक्स भरते हैं। टैक्स जमा करने के बाद कमाई का जितना भी हिस्सा बच जाता है, उसमें से कुछ प्रतिशत हिस्सा डिस्ट्रीब्यूटर्स को दे दिया जाता है। डिस्ट्रीब्यूटर्स को कमाई का कितना हिस्सा मिलेगा, यह सिनेमाघर के मालिक और डिस्ट्रीब्यूटर के बीच हुई डील पर निर्भर करता है।

सूत्र ने दी पूरी जानकारी

बॉलीवुड हंगामा से बातचीत के दौरान एक सूत्र ने बताया, "डिज्नी, सिनेमाघर के मालिकों से 70 प्रतिशत हिस्सा मांग रहा था, जो संभव नहीं था। पहले क्रिप्टो करेंसी से पैसा कैसे कमाए? कभी किसी हॉलीवुड फिल्म के लिए ऐसी मांग नहीं की गई। हालांकि, कई थिएटर मालिक इस बात पर सहमत हो गए जबकि कुछ ने डिज्नी को 65 प्रतिशत तक में राजी कर लिया। हमने राजस्व का 60 प्रतिशत देने की बात की, लेकिन डिज्नी 70 प्रतिशत पर ही जोर देता रहा।"

सूत्र ने बताया कि राज्य के तकरीबन 300 स्क्रीन्स पर फिल्म रिलीज हो गई है, जिसकी वजह से फिल्म न रिलीज करने वाले 70 सिनेमाघरों का नुकसान हो गया है। सूत्र का यह भी कहना है कि सिंगल स्क्रीन, दो स्क्रीन और मल्टीप्लेक्स भी डिज्नी की शर्तों को मान गए हैं, जिसकी वजह से उन 70 सिनेमाघरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब डिज्नी कह रहा है कि जब बाकी मान गए हैं तो ये क्यों नहीं मान रहे।<

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