ट्रेडिंग इंडिकेटर क्या होता है

Zomato के शेयरों में लौट सकती है तेजी, एक्सपर्ट बोले- 119 रुपये तक जा सकते हैं शेयर

फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) के शेयर नवंबर 2021 के अपने हाई से 50 पर्सेंट से ज्यादा टूट चुके हैं। लेकिन, टेक्निकल पैटर्न अब इशारा कर रहे हैं कि जोमैटो के शेयरों में तेजी लौट सकती है। यह बात इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में कही गई है। जोमैटो का मार्केट कैप करीब 58000 करोड़ रुपये है। जोमैटो के शेयर 17 नवंबर 2021 को 52 हफ्ते के हाई 162 रुपये पर पहुंचे थे, लेकिन कंपनी के शेयर तेजी नहीं बनाए रख पाए और 27 जुलाई 2022 को 40.55 रुपये के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गए।

टेक्निकल इंडीकेटर्स से मिला संकेत, बुल्स ले रहे स्टॉक का कंट्रोल

जोमैटो (Zomato) के शेयरों में पिछले एक हफ्ते में 3 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी आई है। एक महीने में जोमैटो के शेयर 9 पर्सेंट से ज्यादा चढ़ गए हैं। वहीं, पिछले 6 महीने में जोमैटो के शेयरों में 20 पर्सेंट से अधिक का उछाल आया है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के शेयरों के हालिया प्राइस एक्शन से संकेत मिलता है कि बुल्स धीरे-धीरे स्टॉक का कंट्रोल ले रहे हैं। केल्टनर चैनल (Keltner Channel) के ट्रेंड के साथ-साथ टेक्निकल इंडीकेटर्स KST, ADX जैसे दूसरे इंडीकेटर्स और डिमांड इंडेक्स ने बाय सिग्नल जेनरेट किया है।

स्टॉक प्राइस ने 169 रुपये से शुरू किया था डाउनट्रेंड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स मौजूदा लेवल्स पर या 69-67 टेक्निकल इंडीकेटर्स रुपये की तरफ गिरावट पर जोमैटो के शेयर खरीद सकते हैं। अगले 6 महीने में जोमैटो के शेयरों का पॉसिबल टारगेट 89,104-119 रुपये है। प्राइस एक्शन के मामले में जोमैटो (Zomato) के शेयर 5 और 200 DMA के नीचे ट्रेड कर रहे हैं। जबकि अभी 10, 20, 30, 50 और 100 DMA के ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। जोमैटो स्टॉक प्राइस ने 169 रुपये से अपना डाउनट्रेंड शुरू किया। डाउनट्रेंड के दौरान कंपनी के शेयरों ने लगातार लोअर टॉप्स और लोअर बॉटम बनाया।

डिस्क्लेमर: यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।

Top Stock Picks: केनरा बैंक, एचडीएफसी लाइफ सहित ये 5 शेयर दे सकते हैं मजबूत रिटर्न, जानिए क्या है टार्गेट

Stocks to Buy Today: प्रभुदास लीलाधर की वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) वैशाली पारेख के अनुसार HDFC Life के शेयर को 588 रुपये के टार्गेट के साथ खरीदा जा सकता है.

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2. केनरा बैंक (Canara Bank): वीकली टाइम फ्रेम पर केनरा बैंक के शेयर में काफी जबरदस्त ब्रेकआउट देखने को मिला है और यह इंवर्टेड हेड एंड सोल्डर्स पैटर्न से ऊपर बना हुआ है. एक्सिस सिक्योरिटीज के मुताबिक, इस स्टॉक के 296-308 रुपये के टार्गेट के साथ खरीदा जा सकता है. साथ ही इस शेयर के लिए 238 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाकर रखा जा सकता है.

3. कैमलिन फाइन साइंसेज (Camlin Fine Sciences): यह स्टॉक 20, 50, 100 और 200 दिन के सिंपल मुविंग एवरेज से ऊपर है. इससे इस स्टॉक में बुलिश और पॉजिटीव ट्रेंड के संकेत मिलते हैं. एक्सिस सिक्योरिटीज ने 155-161 रुपये के टार्गेट के साथ इस स्टॉक को खरीदने की सलाह दी है.

4. फिनोलेक्स केबल्स: वीकली टाइम फ्रेम पर इस स्टॉक ने 'कप एंड हैंडल' पैटर्न बनाया है. यह स्टॉक 20,50, 100 और 200 दिन के सिंपल मुविंग एवरेज से ऊपर है जो बुलिश सेंटिमेंट को नए सिरे से कंफर्म करता है. इस शेयर को 538-558 रुपये के टार्गेट के साथ खरीदा जा सकता है. इस स्टॉक के लिए 460 रुपये पर स्टॉप लॉस लगाकर रखा जा सकता है.

5. एचडीएफसी लाइफ (HDFC Life): प्रभुदास लीलाधर की वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) वैशाली पारेख के अनुसार, इस स्टॉक को 588 रुपये के टार्गेट के साथ खरीदा जा सकता है. वहीं, इस शेयर के लिए 520 रुपये के लेवल पर स्टॉप लॉस लगाकर रखा जा सकता है.

टेक्निकल इंडीकेटर्स


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टेक्निकल इंडीकेटर्स

Technical Analysis is one of the crucial parts of the stock market investment. The traders and investors use various technical indicators for stock selection. There are 2 types of indicators for technical analysis i.e. Leading technical indicator and lagging technical indicator. Leading indicators are sort of predictive in nature. On the other hand, the lagging indicators are reactive i.e. they inform about trend change once the trend is changed from uptrend to downtrend & vice versa. The leading indicators are oscillators like RSI, Stochastic, William %R, Parabolic SAR and Commodity Channel Index. The lagging indicators are normally momentum indicators like MACD, EMA, Bollinger Bands, ADX etc.

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ट्रेडिंग इंडिकेटर क्या होता है – [2022] Trading Indicator In Hindi

ट्रेडिंग इंडिकेटर क्या होता है – Trading Indicator In Hindi , Trading Indicator Explained In Hindi: शेयर की Price ऊपर जा सकती है या नीचे यह कन्फर्म करने के लिए Indicators का उपयोग किया जाता है इंडिकेटर एक तरह का प्रोग्राम या सॉफ्टवेयर होता है जो किसी Share की Price या Volume के Past को देखकर यह एनालिसिस करता है की Future में शेयर का ट्रेंड क्या होगा।

इंडिकेटर Technical Analysis का सबसे महत्वपूर्ण भाग है Technical Indicator का उपयोग Chart Pattern और Candlestick Pattern के साथ किया जाता है इन तीनो की उपयोग से स्टॉक किस दिशा में जा सकता है उसका अंदाजा लगाया जाता है

मार्किट में हज़ारों Indicators है एक Trader को अपनी जोखिम लेने की क्षमता, अनुभव और कम्फर्ट लेवल के अनुसार इंडीकेटर्स का चुनाव करना चाहिए।

ट्रेडिंग इंडिकेटर क्या होता है

ट्रेडिंग इंडिकेटर क्या होता है

Table of Contents

ट्रेडिंग इंडीकेटर्स के प्रकार – (Trading Type Of Indicators)

  1. Leading Indicators (लीडिंग इंडीकेटर्स)
  2. Lagging Indicators (लैगिंग इंडीकेटर्स)

1. Leading Indicators (लीडिंग इंडीकेटर्स)


Leading का अर्थ होता है नेतृत्व करना, लीडिंग इंडिकेटर किसी स्टॉक का Price Prediction करते है स्टॉक के प्राइस में आने वाली तेज़ी या मंदी का पता लगाकर उसका पहले ही सिग्नल दे देते टेक्निकल इंडीकेटर्स है

Leading Indicator को Oscillators (ओसिलेटर) भी कहते है क्योंकि Leading Indicators 0 से 100 की एक रेंज के बीच में झूलते रहते है


मार्किट में आगे क्या हो सकता है Share Price आगे किस दिशा में जा सकती है यह बताने का काम Leading Indicator का होता है


Top 2 Leading Indicator:

RSI:

2. Lagging Indicators (लैगिंग इंडीकेटर्स)

लैगिंग का अर्थ होता है देरी से, Delayed या पिछड़ जाना। लैगिंग इंडीकेटर्स हमेशा Share Price के पीछे-पीछे चलता है

Lagging Indicator देरी से सिग्नल देते है मार्किट में क्या हो चूका है यह बताने का काम लैगिंग इंडीकेटर्स का होता है

शेयर प्राइस जिस भी दिशा में जा रहा हो चाहे वह ऊपर की तरफ जा रहा हो या नीचे की तरफ उसकी दिशा को Confirm करने के लिए Lagging Indicators का उपयोग किया जाता है।

इंडिकेटर के फायदे (Advantages of Technical Indicators)


इंडिकेटर की सहायता से किसी भी स्टॉक की कीमत ऊपर की तरफ जाने वाली है या नीचे की तरफ इसे समझने में मदद मिलती है इंडिकेटर से स्टॉक कहां खरीदना है और कहां बेचना है उन Levels को पता करने में मदद मिलती है

Stock चाहे Uptrend में हो, Downtrend में हो या Sideways Trend में इंडीकेटर्स का उपयोग करके स्टॉक के ट्रेंड का पता लगाया जा सकता है।

एक ट्रेडर को मार्किट में तेज़ी से बदलते हुए Trend में तेज़ी से Respond करना होता है इंडीकेटर्स ट्रेडर की Quick Decision Making में हेल्प करते है। इंडीकेटर्स स्टॉक मार्किट के Behaviour को समझने में मदद करता है की हमें Trade लेना चाहिए या नहीं।


इंडिकेटर की सीमाएं (Limitations of Technical Indicators)


इंडिकेटर सिर्फ Price Prediction करता है जरूरी नहीं की जो Signal इंडिकेटर ने दिया हो वो सही हो इंडिकेटर के सिग्नल गलत भी होते है।

कभी भी एक चार्ट में 3 से ज्यादा इंडिकेटर का उपयोग नहीं करना चाहिए बहुत सारे Indicators का उपयोग करने से सभी इंडीकेटर्स अलग-अलग सिंग्नल देने लगते है जिससे ख़रीदा-बेचना है या नहीं यह निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है

Indicators किसी भी स्टॉक में संभावित Entry और Exit Point देते है जरूरी नहीं है की मार्किट उन एंट्री और एग्जिट पॉइंट के हिसाब से चले Entry लेने के बाद Stock नीचे भी गिर सकता है और Exit लेने के बाद Stock बढ़ भी सकता है।

बहुत सारे इंडीकेटर्स एक दूसरे के विरोधाभासी होते है अगर एक इंडिकेटर Buy Signal देता है तो दूसरा Sell Signal देता है

उम्मीद करता हु आपको इंडिकेटर क्या है समझ आया होगा अगर आपका अभी भी कोई सवाल है ट्रेडिंग इंडिकेटर क्या होता है – W hat Is Trading Indicator In Stock Market In Hindi तो कमेंट करके पूछ सकते है।

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