अभिषेक तैलंग के साथ Tech Talk: एक्सपर्ट से जानिए बेस्ट-3 क्रिप्टो वॉलेट के बारे में; क्रिप्टोकरेंसी सिक्योर है की नहीं? इनमें सेफ, सिक्योर और फ्री एक्सेस मिलेगा

क्रिप्टोकरेंसी पूरे दुनिया में बहुत ही तेजी से पॉपुलर हुई है और ज्यादातर देशों में इसमें इन्वेस्ट करने की होड़ लगी हुई है। कई लोग तरह-तरह की डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी सिक्योर है की नहीं? करेंसी को ही फ्यूचर बता रहे हैं। लेकिन, क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट करने से पहले सबसे ज्यादा जरूरी है कि आपके पास एक सिक्योर और सेफ क्रिप्टो वॉलेट होना चाहिए। तो आज के इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसे ही बेस्ट क्रिप्टो वॉलेट के बारे में जानेंगे जो एक सीखने वाले से लेकर सीख चुके लोगों तक सभी के बहुत काम के हैं।

बिनांस (Binance)
बिनांस एक काफी सिक्योर और बढ़िया क्रिप्टो वॉलेट है और खास कर तब जब आप एक ऐसे क्रिप्टो वॉलेट की तलाश में है जो ना सिर्फ आपकी क्रिप्टोकरेंसी को सेव कर के रखेगा, बल्कि उसी वॉलेट से आप ट्रेडिंग भी कर सकेंगे। बिनांस में आपको करीब 1000 अलग-अलग क्रिप्टो करेंसी का एक्सेस मिल जाता है, चाहे फिर वो छोटी क्रिप्टोकरेंसी हो या कोई बड़ी क्रिप्टोकरेंसी हो, आप सभी पर आसानी से इन्वेस्ट कर पाएंगे। बिनांस से सिक्योर एंड सेफ ट्रेडिंग करने के लिए आपको सिर्फ 0.10% कमीशन देना होगा। बिनांस क्रिप्टो वॉलेट iOS और एंड्रॉयड दोनों ही प्लेटफॉर्म पर अवेलेबल है और इसे फ्री भी डाउनलोड कर सकते हैं।

वजीर एक्स (WazirX)
अब आपको बताते हैं एक ऐसा वॉलेट जो सेफ और भरोसेमंद भी है साथ ही आपको कई अलग-अलग तरह की क्रिप्टो करेंसी में इन्वेस्ट करने का मौका भी देता है। वजीर एक काफी बढ़िया ऑप्शन है। वजीर एक्स से आप 100 से भी ज्यादा तरह की क्रिप्टोकरेंसी खरीद और बेच सकते हैं। ये UPI, NEFT, IMPS जैसे सभी ट्रांजैक्शन को सपोर्ट करता है और आपको किसी भी तरह का विड्रॉवल चार्ज भी नहीं देना पड़ता। वजीर एक्स काफी सिक्योर है और साथ ही ये iOS और एड्रॉयड दोनों ही प्लेटफॉर्म पर अवेलबल है।

कॉइनबेस
अब अगर अपने अभी क्रिप्टो पर इन्वेस्ट करना नया नया शुरू किया है मतलब अभी आप एक नौसिखिया हैं और चाहते हैं एक ऐसा वॉलेट जो बेस्ट और सिक्योर भी हो। जो आपका पैसा संभाल कर रख सके तो कॉइनबेस आपके लिए एक बढ़िया ऑप्शन होगा। कॉइनबेस का यूजर इंटरफेस बहुत ही आसान सा है और ये 100 % सेफ एंड सिक्योर भी है। सिक्योरिटी के लिए इसमें 2 फैक्टर ऑथेंटिकेशन मिलता है। कॉइनबेस में 98% डाटा ऑफलाइन सेव होता है। मतलब कि इसमें किसी तरह का ऑनलाइन खतरा भी बहुत कम है। कॉइनबेस आपको iOS और एंड्रॉयड दोनों ही प्लेटफॉर्म पर मिल जाएगा।

BitCoin पर सरकार का मन तैयार! क्रिप्टो करेंसी नहीं, आपकी संपत्ति होगा, समझिए सबकुछ

Crypto as asset: अगर किसी के पास बिटकॉइन या इथेरियम जैसी क्रिप्टो करेंसी है तो वह उससे शेयर, गोल्ड या बॉन्ड की तरह रख सकते हैं, उसे करेंसी की तरह पेमेंट करने में उपयोग नहीं कर सकते।

bitcoin-litecoin

भारत सरकार ने Crypto पर अलग रवैया अपनाने का फैसला किया है। भारत में क्रिप्टो करेंसी क्रिप्टोकरेंसी सिक्योर है की नहीं? को मुद्रा के रूप में अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि अगर किसी के पास बिटकॉइन या इथेरियम जैसी क्रिप्टो करेंसी है तो वह उससे शेयर, गोल्ड या बॉन्ड की तरह रख सकते हैं, लेकिन उसे करेंसी की तरह पेमेंट करने में उपयोग नहीं कर सकते।

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क्रिप्टो को बढ़ावा नहीं

इस मामले से जुड़े लोगों की सरकार के साथ एक बैठक हुई है जिसमें फैसला लिया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म द्वारा बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को बढ़ावा देने की अनुमति नहीं मिल पाएगी। इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि सरकार क्रिप्टो के मामले में एक विधेयक को अंतिम रूप देने में जुटी है।

बिटकॉइन क्रिप्टोकरेंसी सिक्योर है की नहीं? से पेमेंट नहीं

मोदी सरकार देश में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नियम तैयार कर रही है। भारत में सरकार वर्चुअल करेंसी के जरिए पेमेंट ट्रांजैक्शन पर रोक लगाने जा रही है। इस बारे में क्रिप्टोकरेंसी सिक्योर है की नहीं? क्रिप्टो बिल को अंतिम रूप दिया जा रहा है।एक सरकारी सूत्र ने इस बारे में कहा, "देश क्रिप्टोकरेंसी सिक्योर है की नहीं? में लोग गोल्ड, शेयर या बांड की तरह क्रिप्टो को संपत्ति के रूप में रख सकेंगे। इतना साफ़ है कि क्रिप्टो एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म को एक्टिव सोलिटिसेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी।"

crypto currancy


sebi को मिल सकती है जिम्मेदारी

सरकार क्रिप्टोकरेंसी के नियमों के लिए विधायक बना रही है जिसे अगले दो-तीन हफ्ते में कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है। क्रिप्टोकरेंसी के नियमन की जिम्मेदारी पूंजी बाजार नियामक सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया को दी जा सकती है, हालांकि इस बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।

टैक्स पर भी हो रहा है काम

भारत सरकार इस समय क्रिप्टो के टैक्सेशन संबंधी मसलों पर भी काम कर रही है और आने वाले विधायक में इस बारे में भी जिक्र किया जा सकता है। सरकार संसद के शीत सत्र में क्रिप्टो करेंसी से जुड़े विधेयक को पेश कर सकती है। इससे पहले भी खबर आई थी कि भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी के मसले पर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है और वह इसे देश में बैन करने के मूड में नहीं है।

सावधान! Crypto को लेकर भारत में चल रहा है नया स्कैम, ध्यान नहीं दिया तो आपकी सारी करेंसी हो जाएगी चोरी

aajtak.in

अगर आप क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) में इनवेस्ट करते हैं तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है. इसको लेकर मार्केट में एक नया स्कैम चल रहा है जिससे आपको नुकसान हो सकता है. साइबर सिक्योरिटी फर्म Check Point Research ने इसके बारे में बताया है.

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सिक्योरिटी फर्म मे एक नए बोटनेट वैरिएंट Twizt को रिपोर्ट किया है. रिपोर्ट के अनुसार इसने लगभग आधे मिलियन डॉलर की वैल्यू वाली क्रिप्टोकरेंसी की चोरी की है. इसके लिए एक टेक्निक क्रिप्टो क्लिपिंग (crypto clipping) का यूज किया गया .

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ये स्कैम इंडिया, इथोपिया और नाइजीरिया के क्रिप्टो ट्रेडर्स को टारगेट करता है. Twizt Phorpiex botnet फैमली का ही दूसरा वैरिएंट है. Twizt क्रिप्टोकरेंसी चुराने के लिए ऑटोमैटिकली इंटेंडेड वॉलेट एड्रेस को अटैकर्स के वॉलेट एड्रेस से चेंज कर देता है.

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साइबर सिक्योरिटी फर्म ने क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडर को चेतवानी दी है कि सेंड करने वाले फंड्स को लेकर वो सावधान रहें. 969 ट्रांजैक्शन के बारे में अभी तक पता लगाया जा चुका है. Twizt बोटनेट बिना किसी एक्टिव कमांड और कंट्रोल सर्वर के ऑपरेट हो सकता है और सिक्योरिटी मैकेनिज्म में सेंध लगा सकता है.

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Check Point Research के अनुसार 12 महीने में 3.64 Bitcoin, 55.87 Ether और ERC20 में$55,000 को लिया गया था. एक घटना में एक ही बार में 26 ETH को हाइजैक कर लिया गया था. जैसा की पहले ही बताया गया है Twizt क्रिप्टो क्लिपिंग टेक्निक का यूज करता है. इससे मैलवेयर के जरिए फंड को यूजर के वॉलेट से स्कैमर्स के वॉलेट में भेजा जाता है.

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रिपोर्ट में बताया गया है कि Phorpiex का ये वैरिएंट काफी खतरनाक है. ये कमांड और अपडेट हजारों इन्फैक्टेड मशीन से लेता है. दूसरा ये क्रिप्टोकरेंसी को बिना कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से कॉन्टैक्ट किए भी चुरा सकता है. ये 30 से ज्यादा अलग-अलग ब्लॉकचेन वाले वॉलेट को सपोर्ट करता है. इससे यूजर्स को सावधान रहने की जरूरत है.

Cryptocurrency को मुद्रा के रूप में नहीं बल्कि संपत्ति के तौर पर रखने की मिल सकती है अनुमति, बन रहा कानून

 सरकार क्रिप्टो के मामले में एक विधेयक को अंतिम रूप देने में जुटी है.

सरकार क्रिप्टो के मामले में एक विधेयक को अंतिम रूप देने में जुटी है.

बिटक्वाइन सहित cryptocurrencies को लेकर सरकार जल्द ही कोई निर्णय लेने वाली है. इसके लिए नए कानून पर भी काम चल रहा है. क . अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated : November 17, 2021, 11:37 IST

नई दिल्ली . बिटक्वाइन सहित cryptocurrencies को लेकर सरकार जल्द ही कोई निर्णय लेने क्रिप्टोकरेंसी सिक्योर है की नहीं? वाली है. इसके लिए नए कानून पर भी काम चल रहा है. क्रिप्टोकरेंसी की बढ़ती लोकप्रियता और चलन को देखते हुए सरकार इसे बैन करने की बजाय दूसरे वैकल्पिक विकल्पों पर विचार कर रही है.

भारत सरकार ने Crypto पर अलग रवैया अपनाने का फैसला किया है. भारत में क्रिप्टो करेंसी को मुद्रा के रूप में अनुमति नहीं दी जाएगी. इसका मतलब यह है कि अगर किसी के पास बिटकॉइन या इथेरियम जैसी क्रिप्टो करेंसी है तो वह उससे शेयर, गोल्ड या बॉन्ड की तरह रख सकते हैं, लेकिन उसे करेंसी की तरह पेमेंट करने में उपयोग नहीं कर सकते.

कानून को अंतिम रूप दे रही सरकार
इस मामले से जुड़े लोगों की सरकार के साथ एक बैठक हुई है जिसमें फैसला लिया गया है कि क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म द्वारा बिटकॉइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी को बढ़ावा देने की अनुमति नहीं मिल पाएगी. इस मामले से जुड़े लोगों ने बताया है कि सरकार क्रिप्टो के मामले में एक विधेयक को अंतिम रूप देने में जुटी है.

बिटकॉइन से पेमेंट नहीं
मोदी सरकार देश में क्रिप्टो ट्रेडिंग के नियम तैयार कर रही है. भारत में सरकार वर्चुअल करेंसी के जरिए पेमेंट ट्रांजैक्शन पर रोक लगाने जा रही है. इस बारे में क्रिप्टो बिल को अंतिम रूप दिया जा रहा है.एक सरकारी सूत्र ने इस बारे में कहा, “देश में लोग गोल्ड, शेयर या बांड की तरह क्रिप्टो को संपत्ति के रूप में रख सकेंगे. इतना साफ़ है कि क्रिप्टो एक्सचेंज और ट्रेडिंग प्लेटफार्म को एक्टिव सोलिटिसेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी.”

सेबी को मिल सकती है जिम्मेदारी
सरकार क्रिप्टोकरेंसी के नियमों के लिए विधायक बना रही है जिसे अगले दो-तीन हफ्ते में कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जा सकता है. क्रिप्टोकरेंसी के नियमन की जिम्मेदारी पूंजी बाजार नियामक सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया को दी जा सकती है, हालांकि इस बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.

टैक्स पर भी हो रहा है काम
भारत सरकार इस समय क्रिप्टो के टैक्सेशन संबंधी मसलों पर भी काम कर रही है और आने वाले विधायक में इस बारे में भी जिक्र किया जा सकता है. सरकार संसद के शीत सत्र में क्रिप्टो करेंसी से जुड़े विधेयक को पेश कर सकती है. इससे पहले भी खबर आई थी कि भारत सरकार क्रिप्टोकरेंसी के मसले पर बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है और वह इसे देश में बैन करने के मूड में नहीं है.

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