डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट क्या है

Zerodha में ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट खोलने की फीस Rs.200 है अकाउंट ऑनलाइन कैसे ओपन करना है, इसकी जानकारी के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

अगर आप MCX के कमोडिटी डेरिवेटिव्स अकाउंट में ट्रेड करना चाहते हैं, तो फिर आप इसे ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट ओपन होने के बाद हमारे बैकऑफिस Console से इनेबल कर सकते है

Console से कमोडिटी सेगमेंट इनेबल करने के लिए आप इस लिंक में क्लिक कीजिये और इसमें दिए गए स्टेप्स को फॉलो कीजिये

कमोडिटी सेगमेंट को इनेबल करने की फीस Rs.100/- है जो की अकाउंट ओपन होने के बाद आपके लेजर/ledger से डेबिट कर ली जायेगी

नोट

1. यदि आपने कमोडिटी अकाउंट इनेबल करने के लिए ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट ओपन करते समय फीस दे दी है, तो फिर आपको Console से इनेबल करने के समय कोई फीस नहीं लगेगी

2. यदि आपने पूरा प्रोसेस सही फॉलो किया है और सही डॉक्यूमेंट दिया है तो कमोडिटी सेगमेंट 24 -48 घंटे में इनेबल हो जायेगा डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट क्या है

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Demat vs Trading Account में क्या अंतर होता है? दोनों के क्या इस्तेमाल हैं?

नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश करने वालों ने डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के बारे में बहुत सुनते हैं, पर अधिकांश लोगों को इन दोनों खातों के बीच का अंतर नहीं पता होता है। आइए आसान भाषा में जानते हैं डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट के बीच क्या-क्या अंतर होता है?

शेयर मार्केट डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट क्या है में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट दोनों का होना जरूरी
बता दें कि इक्विटी मार्केट में निवेश के लिए किसी भी व्यक्ति के पास डीमैट अकाउंट का होना सबसे पहली शर्त है। डीमैट अकाउंट के साथ एक और खाता अटैच होता है जिसे ट्रेडिंग अकाउंट कहते हैं। जरूरत के आधार पर दोनों निवेशक दोनों का अलग-अलग इस्तेमाल करते हैं। डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट दोनों अलग-अलग तरह के खाते होते हैं। डीमैट अकाउंट वह अकाउंट होता है जिसमें आप अपने असेट या इक्विटी शेयर रख सकते हैं। वहीं दूसरी ओर ट्रेडिंग अकाउंट वह खाता होता है जिसका इस्तेमाल करतेह हुए आप इक्विटी शेयरों में लेनदेन करते हैं।

क्या होता है डीमैट अकाउंट?
डीमैट अकाउंट वह खाता होता है जिसके माध्यम से आप अपनी इक्विटी हिस्सेदारी इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में होल्ड करके रखते हैं। डीमैट अकाउंट फिजिकल शेयर को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में बदल देता है। डीमैट अकाउंट खोलने पर आपको एक डीमैट अकाउंट नंबर दिया जाता है जहां आप अपने इक्विटी शेयरों को सहेज कर रखते हैं। डीमैट अकाउंट बहुत हद तक बैंक अकाउंट की तरह कार्य करता है। यहां से इक्विटी बाजार में किए गए अपने निवेश की जमा और निकासी कर सकते हैं। डीमैट अकाउंट खोलने के लिए यह जरूरी नहीं कि आपके पास कोई शेयर हो। आपके अकाउंट में जीरो बैलेंस हो तो भी आप डीमैट खाता खोल सकते हैं।

यह भी पढ़ें | AMU फिर विवादों में घिरा, कश्मीरी और गाजीपुर के छात्रों के बीच चले लात-घूंसे

क्या होता है ट्रेडिंग अकाउंट?
इक्विटी शेयरों को खाते में सहेजकर रखने की बजाय अगर आप इनकी ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत पड़ती है। अगर आप शेयर बाजार में लिस्टेड किसी कंपनी के शेयरों की खरीद-बिक्री करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत पड़ती है।

डीमैट और ट्रेडिंग में अकाउंट क्या फर्क है?
जहां डीमैट अकाउंट आपके शेयर या को डिमैटिरियलाइज्ड तरीके से सुरक्षित रखने वाला खाता होता है, वहीं दूसरी ओर, ट्रेडिंग अकाउंट आपके बैंक खाते और डीमैट खाते के बीच की कड़ी होती है। डीमैट अकाउंट में शेयरों को सुरक्षित रखा जाता है। इसमें कोई लेन-देन नहीं किया जाता है। ट्रेडिंग अकाउंट शेयरों की खरीद-फरोख्त के लिए इस्तेमाल होता है। डीमैट अकाउंट पर निवेशकों को सालाना कुछ चार्ज देना होता है। पर ट्रेडिंग अकाउंट आमतौर पर फ्री होता है, हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि सेवा प्रदाता कंपनी आपसे चार्ज वसूलेगी या नहीं।

क्या सिर्फ डीमैट या ट्रेडिंग अकाउंट रख सकते हैं?
आमतौर पर डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट एक साथ ही खोले जाते हैं। शेयरों में निवेश के लिए दोनों ही तरह के खाते जरूरी हैं। जब आप शेयरो को खरीदते हैं और उसे लंबे समय तक अपने पास रखना चाहते हैं तो आपको डीमैट अकाउंट की जरूरत पड़ती है। वहीं अगर आप बस शेयरों की ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत पड़ती है। अगर आप सिर्फ इंट्राडे शेयर ट्रेडिंग, फ्यूचर ट्रेडिंग, ऑप्शंस ट्रेडिंग डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट क्या है और करेंसी ट्रेडिंग करना चाहते हैं तो आपको सिर्फ डीमैट अकाउंट की जरूरत पड़ती है। आप चाहते तो दोनों तरह के खातों को एक दूसरे के बिना भी रख सकते हैं।

ट्रेडिंग अकाउंट क्या है और कैसे बनाते हैं – Trading Account In Hindi

Trading Account In Hindi: अगर आपको शेयर बाजार में थोड़ी भी रूचि है और पैसे से पैसे कमाना चाहते है या फिर आप शेयर बाजार से सम्बंधित Content पसंद करते हो तो आपने यह जरुर सुना होगा की शेयर बाजार में शेयर खरीदने और बेचने के लिए Trading Account की जरूरत होती है, डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट क्या है बिना इसके न तो आप शेयर खरीद सकते हैं और न ही बेच सकते हैं.

पर क्या आप जानते हैं आखिर यह Trading Account क्या है, ट्रेडिंग अकाउंट काम कैसे करता है, ट्रेडिंग अकाउंट कैसे बनाते है, ट्रेडिंग अकाउंट कहाँ खुलवाएं और ट्रेडिंग अकाउंट तथा Demat Account में क्या अंतर होता है.

अगर आप इस प्रकार की सभी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप बिल्कुल सही लेख पर आये हैं. आज के इस लेख के माध्यम से हम आपको ट्रेडिंग अकाउंट के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे जिससे कि आपके सारे संशय दूर हो सकें और आप भी शेयर बाजार में पैसे निवेश करके पैसे कमा सकें. इसके लिए यह जरुर पढ़े – ट्रेडिंग से पैसे कैसे कमाए.

तो चलिए बिना समय गवांये जानते हैं ट्रेडिंग अकाउंट क्या होता है हिंदी में.

10 BEST Demat Account In India | भारत में 10 सबसे बेस्ट डीमैट अकाउंट

10 BEST Demat Account In India

पहले के समय में पेपर वर्क के माध्यम से शेयर खरीदने और बेचने की प्रक्रिया काफी मुश्किल होता था। इसी को दूर करने के लिए डीमैट अकाउंट (Demat Account) शुरू किया गया। डीमैट का मतलब ‘डीमैटरियलाइजेशन’ ‘dematerialization’ होता है। डीमैट अकाउंट (shares and securities) को डीमटेरियलाइज करता है, ताकि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक रूप में रखा जा सके और कहीं से भी डिजिटल रूप में खरीदा और बेंचा जा सके।

आज के समय में डीमैट अकाउंट (Demat Account) के बिना, आप शेयरों की खरीद-विक्री नहीं कर सकते और ना ही ट्रैडिंग कर सकते हैं। क्योंकि वर्ष 1996 में, Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने एक आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि सभी निवेशकों के पास शेयरों में ट्रैडिंग करने के लिए एक डीमैट अकाउंट होना अनिवार्य है।

आज के इस पोस्ट में हम आपको 10 सबसे बेस्ट डीमैट अकाउंट के बारे में जानकारी देने ताकि आप तय कर सकें कि आपके जरूरत के अनुसार कौन सा सबसे अच्छा है।

डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट ऑनलाइन कैसे खोले?

शेयर बाजार (Share Market) में तेजी का सिलसिला जारी है। इससे शेयरों (Shares) में निवेश करने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। शेयरों में निवेश करने के लिए डीमैंट (demat) और ट्रेडिंग अकाउंट (trading account) होना जरूरी है। आइए जानते हैं इसे कैसे ऑनलाइन (online) खोला जा सकता है।

onlinetrading

हाइलाइट्स

  • प्रमुख ब्रोकरेज कंपनियां (brokerage firms) ऑनलाइन डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने की सुविधा देती हैं।
  • 18 साल से ज्यादा उम्र का कोई व्यक्ति ब्रोकरेज फर्म में डीमैंट (demat) और ट्रेडिंग अकाउंट खोल सकता है।
  • ब्रोकरेज फर्म की वेबसाइट (website) के माध्यम से आपको जरूरी डॉक्युमेंट अपलोड करने होंगे।

भरना होगा डिजिटल फॉर्म
ब्रोकरेज कंपनियां डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की सुविधा देती हैं। करीब सभी प्रमुख ब्रोकरेज फर्में ग्राहकों को ऑनलाइन डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलने की फैसिलिटी देती हैं। आपको ब्रोकरेज फर्म की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां अकाउंट ओपनिंग फॉर्म में आपको अपना नाम, पता, पैन और बैंक अकाउंट की जानकारी देनी होगी। आप को उस बैंक अकाउंट की जानकारी देनी होगी, जिसे आप डीमैंट और ट्रेडिंग अकाउंट से लिंक करना चाहते हैं। इसके बाद आपको अपनी जरूरत के मुताबिक ब्रोकरेज फर्म का कोई प्लान सेलेक्ट करना होगा।

ये डॉक्युमेंट अपलोड करने होंगे
आपको कुछ डॉक्युमेंट की स्कैन की हुई कॉपी ब्रोकरेज फर्म की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। इनमें आधार, पैन, कैंसल किया गया बैंक चेक शामिल हैं। इसके अलावा आपको अपनी फोटो भी अपलोड करनी होगी।

वेरिफिकेशन की प्रक्रिया
ब्रोकरेज फर्में अकाउंट खोलने से पहले निवेशक का वेरिफिकेशन करती हैं। ब्रोकरेज फर्म डिजिटल कॉल या निवेशक की वीडियो रिकॉर्डिंग के जरिए यह काम करती हैं। इसके बारे में ब्रोकरेज फर्म निवेशक को पहले से बता देती है।

आधार ई-वेरिफिकेशन
निवेशक अपने फॉर्म को ध्यान से पढ़ने के बाद उसे सब्मिट कर सकता है। ओटीपी के माध्यम से आधार ऑथेंटिकेशन प्रोसेस से फॉर्म पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर होंगे। डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट क्या है स्कैन किए हुए डॉक्युमेंट अपलोड सहित सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद आपका डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खुल जाता है। इसके बाद आप अपने ट्रेडिंग अकाउंट में फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। दूसरे डीमैंट अकाउंट में रखे सिक्योरिटी को भी आप नए डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर सकते हैं।

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