साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोरोनावायरस महामारी ( Coronavirus) के दौरान ऑनलाइन ट्रांजैक्शंस बढ़ने के बाद सावधानी की ज्यादा जरूरत है. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि ऑनलाइन लॉटरी, कैसिनो, गेमिंग, शॉपिंग या फ्री डाउनलोड का लालच देने वाली वेबसाइट्स या क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स में अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड्स के डिटेल्स को डालने से परहेज करें. वहीं लुभावने मैसेज के जरिए भेजी जाने वाली प्रमोशनल लिंक पर डाइरेक्ट क्लिक नहीं करे. अलर्ट नोटिफिकेशंस ऑन रखें. कूकीज डिलीट करते रहें. इन सबके अलावा ऐसे किसी फ्रॉड का अंदेशा होते ही साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और संबंधित पुलिस विभाग को सूचित करें.

Automated Trading in Crypto: Bitbns ने क्रिप्टो निवेशकों के लिए पेश किया ऑटोमेटेड ट्रेडिंग फीचर, जानिए इसमें क्या है खास

Automated Trading in Crypto: Bitbns ने क्रिप्टो निवेशकों के लिए पेश किया ऑटोमेटेड ट्रेडिंग फीचर, जानिए इसमें क्या है खास

भारत की लीडिंग क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Bitbns ने अपने ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के लिए ऑटोमेटेड ट्रेडिंग फीचर पेश किया है.

Automated Trading in Crypto: भारत की लीडिंग क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Bitbns ने अपने ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स के लिए ऑटोमेटेड ट्रेडिंग फीचर पेश किया है. इस फीचर की खास बात यह है कि इसके ज़रिए ट्रेडर्स और इन्वेस्टर्स ऑटोमैटिक तरीके से ट्रेडिंग कर सकेंगे. Bitbns ने इसके लिए देश में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने वाले एल्गोरिदम ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म Tradetron के साथ पार्टनरशिप की है. इस पार्टनरशिप के तहत, Bitbns का मकसद अपने यूजर्स को डिजिटल एसेट क्लास में बिना किसी दिक्कत के ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट की सुविधा प्रदान करना है. यह फीचर Tradetron और बिटबन्स प्लेटफॉर्म पर लाइव है और मौजूदा व नए यूजर्स के लिए उपलब्ध है.

जानिए इस फीचर की खासियत

ऑटोमेटेड ट्रेडिंग को Algo ट्रेडिंग के रूप में भी जाना जाता है. ऑटोमेटेड ट्रेडिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स एक पर्टिकुलर क्रिप्टो ट्रेडिंग ट्रांजेक्शन को कई इंडिकेटर्स पर एग्जीक्यूट कर सकते हैं. ऑटोमेटेड ट्रेडिंग इक्विटी ट्रेडर्स के बीच काफी लोकप्रिय तरीका रहा है. यह अब धीरे-धीरे दुनिया भर के क्रिप्टो ट्रेडर्स के बीच भी एक लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है.

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जानिए Tradetron के बारे में

Tradetron एक मल्टी-एसेट, मल्टी-करेंसी, मल्टी-एक्सचेंज है जो स्ट्रेटेजी क्रिएटर्स को वेब-बेस्ड स्ट्रेटेजी बिल्डर का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग एल्गोरिदम बनाने की अनुमति देता है. एक बार जब यूजर एल्गोरिदम बना लेते हैं, तो इसे एक्सचेंज में लिस्ट किया जा सकता है, जहां निवेशक इसे सब्सक्राइब कर सकते हैं और उन ट्रेड्स को अपने मौजूदा ब्रोकरेज अकाउंट्स में ले सकते हैं. Bitbns के अनुसार, Tradetron देश में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाने वाला ट्रेडेड ऑटोमेशन प्लेटफॉर्म है.

बिटबन्स के फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर गौरव दहाके ने कहा, “प्राइस, क्वांटिटी और टाइमिंग से संबंधित निर्देशों के एक निर्धारित सेट को फॉलो करके इस ट्रेडिंग मैकेनिज़्म में अधिक डिसिप्लिन बनाने की क्षमता है. इसके अलावा, प्लेटफॉर्म रिटेल इन्वेस्टर्स के बीच अधिक भरोसा कायम करने में मदद करेगा जो अब एक कंप्यूटर प्रोग्राम के माध्यम से बेहतर काम एक्सचेंज क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म करने वाली रणनीति का चयन करते हुए स्मार्ट ट्रेडिंग का आनंद ले सकते हैं.”

Cryptocurrency की आड़ में करोड़ों की ठगी, भारतीय निवेशकों को लगा 1,000 करोड़ का चूना

Edited by: Alok Kumar @alocksone
Published on: June 21, 2022 15:37 IST

Cryptocurrency - India TV Hindi

Photo:FILE

Highlights

  • क्रिप्टो में निवेश कर रहे हैं तो हो जाएं सावधान, लगातार बढ़ रहे हैं धोखाधड़ी के मामले
  • मोदी कमाई का लालच देकर क्रिप्टो निवेशकों से ठगा जा रहा पैसा
  • सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल बनाकर निवेशकों से किया जा रहा संपर्क

Cryptocurrency में निवेश का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। हालांकि, अब इसी की आड़ में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी भी की जा रही है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नकली क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों से भारतीय निवेशकों को 128 मिलियन डॉलर (लगभग 1,000 करोड़ रुपये) से अधिक का नुकसान हुआ है। साइबर-सुरक्षा कंपनी क्लाउड एसईके ने कहा कि उसने कई फिशिंग डोमेन और एंड्रॉइड-आधारित नकली क्रिप्टो एप्लिकेशन से जुड़े ऑपरेशन का खुलासा किया है।

नकली डोमेन बनाकर धोखाधड़ी को अंजाम

क्लाउडएसईके को एक पीड़ित ने संपर्क किया था, जिसने इस तरह के एक क्रिप्टोकरेंसी घोटाले में कथित तौर पर साथ ही जमा राशि, कर इत्यादि जैसी अन्य लागतों के अलावा 50 लाख रुपये (64,000 डॉलर) खो दिए थे। क्लाउडएसईके के संस्थापक और सीईओ राहुल ससी ने कहा, हमारा अनुमान है कि धोखेबाज इस तरह के क्रिप्टो घोटालों के माध्यम से पीड़ितों को 128 मिलियन डॉलर (लगभग 1,000 करोड़ रुपये) तक का चूना लगाया है। ससी ने कहा, जैसे ही निवेशक क्रिप्टोकरेंसी बाजारों पर अपना ध्यान केंद्रित करते हैं, स्कैमर और धोखेबाज भी उनका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। धोखेबाज पहले नकली डोमेन बनाते हैं जो वैध क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का कॉपी होता है। इसी के जरिये वो फर्जीवाड़ा को अंजाम देते हैं।

धोखेबाज निवेशकों से संपर्क करने और दोस्ती स्थापित करने के लिए सोशल मीडिया पर एक महिला प्रोफाइल बनाते हैं। इस तरह का प्रोफाइल एक विशेष क्रिप्टो एक्सचेंज को उपहार के रूप में 100 डॉलर का क्रेडिट भी साझा करता है, जो इस मामले में एक वैध क्रिप्टो एक्सचेंज का डुप्लिकेट है। नकली एक्सचेंज निवेशकों को शुरुआत में मुनाफा देता है, जिससे उनका विश्वास बढ़ता है। मुनाफा कमाने के बाद, स्कैमर उन्हें बेहतर रिटर्न का वादा करते हुए अधिक राशि का निवेश करने के लिए मना लेता है। एक बार जब निवेशक नकली एक्सचेंज में अपना पैसा जोड़ता है, तो उसके खाते को फ्रीज कर दिया है। इस तरह निवेशक का पैसा हजम कर दिया जाता है।

पहले 1000 भारतीय ग्राहकों के लिए खास ऑफर

क्रिप्टो एक्सचेंज क्रॉसटावर भारत में यूजर्स के लिए खास ऑफर पेश किया है. क्रॉसटावर अपने पहले 1000 एक्सचेंज क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म भारतीय ग्राहकों को अपने पहले ट्रेड पर 500 रुपये तक की अतिरिक्त बिटकॉइन पाने का मौका दिया है.

ब्लॉकचेन डेटा प्लेटफॉर्म Chainalysis के अनुसार, भारत का डिजिटल करेंसी मार्केट अप्रैल 2020 में 923 मिलियन डॉलर था. जो मई 2021 में बढ़कर 6.6 बिलियन डॉलर हो गया. हर महीने औसतन इसमें 50 फीसदी से अधिक ग्रोथ देखने को मिल रहा है.

क्रिप्टोकरेंसी अपनाने में भारत 11वें स्थान पर

आपको बता दें कि क्रिप्टो मार्केट में 1.5 करोड़ से अधिक भारतीयों ने निवेश किया है. Chainalysis ने कहा कि 154 देशों में भारत क्रिप्टोकरेंसी अपनाने में 11वें स्थान पर है. क्रॉसटावर अमेरिका और बरमूडा में रेग्युलेटेड क्रिप्टो एक्सचेंज ऑपरेट करता है. यह 81 देशों में अपना सर्विस देता है.

Crypto Currency Scams से देश को 1000 करोड़ का चूना, फ्रॉड से कैसे बचें

cyrpto currency

दुनिया में क्रिप्टो करेंसी स्कैम्स ( Crypto Currency Scams) की वजह से भारतीय निवेशकों को 1,000 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का चूना लग चुका है. एक भारतीय साइबर सिक्योरिटी फर्म क्लाउड एसईके (CloudSEK) ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया है. आर्थिक मुद्दों से जुड़े मशहूर अखबारों ने इसके बाद भारतीय निवेशकों को साइबर सुरक्षा ( Cyber Security) को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की चेतावनी दी है. CloudSEK की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्कैम में नकली क्रिप्टो एक्सचेंजों का निर्माण तक शामिल है.

बड़े ऑफर्स की साजिश

रिपोर्ट के मुताबिक वैध ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से मिलते-जुलते नकली क्रिप्टो एक्सचेंजों के जरिए स्कैमर बाद में निवेशकों तक पहुंचते हैं और अपने प्लेटफॉर्म पर आने के लिए एक वेलकम ऑफर का लालच देते हैं. इस ऑफर के तौर पर कई बार 100 डॉलर या उससे भी ज्यादा का क्रेडिट नोट सौंप देते हैं. यूजर्स का भरोसा हासिल करने के लिए ये स्कैमर ऑफर की क्रिप्टो रकम क्रेडिट भी कर देते हैं. मुनाफा कमाने के बाद ये ऑफर वाली क्रिप्टो करेंसी अपने प्लेटफॉर्म के फंड या वॉलेट में डाल देते हैं.

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यह अपडेट भारत के वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा दावा किए जाने के लगभग एक हफ्ते बाद आया है कि Binance के बुनियादी ढांचे का उपयोग करते हुए वज़ीरएक्स से लेनदेन “ऑफ-चेन” हो रहा था. प्रवर्तन निदेशालय ने बाद में वज़ीरएक्स के बैंक जमा में ₹64.67 करोड़ को फ्रीज कर दिया है और एक्सचेंज के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है.

वज़ीरएक्स ने मंगलवार को स्पष्ट किया था कि उपयोगकर्ता केवल अपने वज़ीरएक्स और Binance खातों के बीच फंड ट्रांसफर कर सकते हैं. इसने यह भी दावा किया कि इन सभी लेनदेन के लिए केवाईसी विवरण एकत्र किया गया था और जब भी अनुरोध किया गया था, इस तरह के डेटा को ईडी को प्रस्तुत किया गया था.

क्या है वजीरएक्स

WazirX एक नया Crypto Currency Exchange है एक्सचेंज क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म एक्सचेंज क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और खास बात यह है कि यह भारत का सबसे बड़ा Cryptocurrency Exchange है. यह Peer to Peer Crypto Transaction Allow करता है. यानी यह बिटकॉइन (Bitcoin) एथेरियम, रिपल (ripple), ट्रोन (Tron), लिटकान (litcoin) और दूसरी क्रिप्टो करेंसी में ट्रेड करने की सुविधा देता है. इसका हेड आफिस मुंबई में है.

WazirX में क्रिप्टोकरेंसी के गलत लेनदेन का शक

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वज़ीरएक्स क्रिप्टो-मुद्रा एक्सचेंज के निदेशक पर छापा मारा और 5 अगस्त, 2022 को आभासी क्रिप्टो संपत्तियों की खरीद और हस्तांतरण के माध्यम से धोखाधड़ी के पैसे की धोखाधड़ी में आरोपी तत्काल ऋण ऐप कंपनियों की सहायता के लिए 64.67 करोड़ रुपये की अपनी बैंक संपत्ति को फ्रीज कर दिया है.

एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने एएनआई को बताया कि ईडी मामले की जांच कर रहा है. सूत्रों ने कहा, “निवेशकों को सावधानी से आगे बढ़ने की जरूरत है क्योंकि वज़ीरक्स प्रकरण ने Cryptocurrency ट्रेडिंग पर बहुत सारे मुद्दों को उठाया है.”

क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन में बरतें विशेष सावधानी

गुरुवार को एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय इस मामले को देख रहा है. ग्राहकों से कहा गया है कि क्रिप्टो करेंसी के लेनदेन में और सावधानी बरतना आवश्यक है. एक शीर्ष सरकारी सूत्र ने एएनआई को बताया, “क्रिप्टोकरेंसी से निपटने के दौरान सावधानी बरतना आवश्यक है. वज़ीरएक्स एपिसोड ने क्रिप्टो लेनदेन के एक काले पक्ष को उजागर किया है और प्रवर्तन निदेशालय इसे देख रहा है.”

क्रिप्टो कारोबार बाजार वजीरएक्स की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लांड्रिंग जांच और उसके बाद उसके प्रवर्तकों के बीच विवाद ने क्रिप्टोकरेंसी के ‘स्याह पहलू’ को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि क्रिप्टो करेंसी और तथाकथित एक्सचेंज के जरिये होने वाले कारोबार को नियंत्रित करने के लिये फिलहाल कोई नियम-कानून नहीं है, ऐसे में उन्हें इसको लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है.

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